Samagra Shiksha VTs: रुके हुए मानदेय (Salary), EPF कटौती और स्कूलों में Industrial Visit बजट पर नया आदेश जारी!

अक्टूबर का महीना आते ही देशभर के सरकारी स्कूलों में कार्यरत हजारों व्यावसायिक प्रशिक्षकों यानी वोकेशनल ट्रेनर्स (Vocational Trainers – VTs) के सामने दो सबसे बड़ी चुनौतियां खड़ी हो जाती हैं। पहली चुनौती यह है कि त्योहारी सीजन (दिवाली) सिर पर होने के बावजूद कई राज्यों में वोकेशनल ट्रेनिंग प्रोवाइडर (VTP) एजेंसियों के पास ट्रेनर्स का 2 से 4 महीने का मानदेय (Honorarium) अटका रहता है। दूसरी चुनौती स्कूल स्तर पर आती है—जहां अक्टूबर से दिसंबर (Q3) की तिमाही में छात्रों के लिए अनिवार्य Guest Lectures और Industrial Field Visits कराने होते हैं, लेकिन सही सरकारी सर्कुलर और मद-वार (Item-wise) बजट की जानकारी न होने के कारण स्कूल के खाते में पड़ा पैसा लैप्स होने की कगार पर पहुंच जाता है।

अक्सर देखा गया है कि शिक्षा मंत्रालय के प्रोजेक्ट अप्रूवल बोर्ड (PAB) द्वारा ₹20,000 से ₹25,000 प्रति माह का बजट स्वीकृत होने के बाद भी वोकेशनल ट्रेनर के बैंक खाते में केवल ₹15,260 से ₹20,607 ही पहुंचते हैं। आखिर बीच की यह राशि कहां जाती है? VTP एजेंसियां कॉस्ट-टू-कंपनी (CTC) के नाम पर नियोक्ता (Employer) और कर्मचारी (Employee) दोनों का EPF व ESIC कैसे काटती हैं? और स्कूल प्रधानाचार्य (Principal) से बिना किसी ऑडिट डर के गेस्ट लेक्चर, फील्ड विजिट व प्रैक्टिकल लैब रॉ मटेरियल का बजट कैसे पास कराया जाए?

राज्यों में समग्र शिक्षा Vocational Trainers (VTs) के बकाया मानदेय (Honorarium) और वेतन वृद्धि

शिक्षा मंत्रालय के स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग (DoSEL) के निर्देशानुसार, समग्र शिक्षा के अंतर्गत कार्यरत वोकेशनल ट्रेनर्स के लिए अनुभव के आधार पर ₹20,000, ₹22,000 और ₹25,000 प्रति माह के तीन मानदेय स्लैब लागू हैं। राज्यों के समग्र शिक्षा परियोजना निदेशालयों (SPD) ने सभी VTP एजेंसियों को त्योहारी सीजन से पहले बकाया मानदेय और एरियर का समय-बद्ध भुगतान करने तथा EPF/ESIC चालान नियमित जमा करने के सख्त निर्देश दिए हैं।

भारत के सरकारी स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा (Vocational Education) अब कोई वैकल्पिक या छोटा प्रोजेक्ट नहीं रह गया है। पत्र सूचना कार्यालय (PIB) और शिक्षा मंत्रालय के जुलाई 2026 के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, देश में संशोधित समग्र शिक्षा योजना (Samagra Shiksha 2.0) के लिए कुल ₹2,94,283.04 करोड़ का वित्तीय परिव्यय स्वीकृत है। साल 2018-19 से लेकर अब तक देश के 9,477 सरकारी स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा का ढांचा पूर्ण रूप से स्थापित किया जा चुका है (जो 2023-24 में 8,619 स्कूल था), और जून 2026 तक देश के 776 जिलों में 13,092 पीएम श्री (PM SHRI) स्कूल चालू हो चुके हैं जहां कौशल शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।

यूडाइस प्लस (UDISE+ 2025-26) की ताजा रिपोर्ट बताती है कि भारत के कुल 14,71,473 मान्यता प्राप्त स्कूलों में से 10,13,322 (68.9%) सरकारी स्कूल हैं, और माध्यमिक स्तर (Secondary Level) पर सकल नामांकन अनुपात (GER) 68.5% से बढ़कर 71.7% पर पहुंच गया है। सबसे उत्साहजनक आंकड़ा ‘इंडिया स्किल्स रिपोर्ट 2026’ का है, जिसके अनुसार स्कूल स्तर से ही अर्ली स्किलिंग (Early Skilling) शुरू होने के कारण भारतीय युवाओं की रोजगार क्षमता (Employability) साल 2020 के 46% से बढ़कर 2026 में 56.4% हो गई है।

लेकिन इस पूरी सफलता की रीढ़ जो वोकेशनल ट्रेनर (VT) हैं, उनकी जमीनी स्थिति में राज्यों के बीच भारी अंतर देखने को मिलता है। एक तरफ मई 2026 में दिल्ली कैबिनेट (मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में) ने सरकारी स्कूलों में कार्यरत 1,000 से अधिक वोकेशनल और समग्र शिक्षा शिक्षकों का मासिक वेतन बढ़ाकर ₹38,100 प्रति माह कर दिया है। वहीं दूसरी तरफ, जिन राज्यों में VTP (Vocational Training Providers) यानी आउटसोर्सिंग कंपनियों के माध्यम से भर्ती होती है, वहां ट्रेनर्स को ₹20,000 से ₹25,000 के PAB बजट में से भी भारी कटौती और महीनों की देरी का सामना करना पड़ता है।

इसी विसंगति को रोकने के लिए हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, ओडिशा और झारखंड सहित कई राज्यों के समग्र शिक्षा निदेशालयों ने VTP एजेंसियों की तिमाही समीक्षा (Compliance Audit) तेज कर दी है। हिमाचल प्रदेश समग्र शिक्षा निदेशालय (शिमला) के आधिकारिक वेतन संरचना परिपत्र में स्पष्ट रूप से सभी VTPs को आदेश दिया गया कि वे स्वीकृत स्लैब के अनुसार ट्रेनर्स का बकाया एरियर और मानदेय अक्टूबर की निर्धारित समय-सीमा के भीतर हर हाल में जारी करें।

₹20,000 से ₹25,000 CTC का असली गणित: VTP एजेंसियां Basic, HRA, EPF (13%+12%) और ESIC (3.25%+0.75%) कैसे काटती हैं?

सीधा जवाब: समग्र शिक्षा में केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत ₹20,000, ₹22,000 या ₹25,000 की राशि ‘इन-हैंड सैलरी’ नहीं बल्कि कॉस्ट-टू-कंपनी (CTC) होती है। सरकारी नियमों के तहत VTP एजेंसियां इसी CTC राशि में से पहले नियोक्ता का हिस्सा (13% EPF + 3.25% ESIC) घटाकर ग्रॉस मानदेय निकालती हैं, और फिर ग्रॉस मानदेय में से कर्मचारी का हिस्सा (12% EPF + 0.75% ESIC) काटकर शेष राशि (लगभग ₹15,260 से ₹20,607) ट्रेनर के बैंक खाते में भेजती हैं।

देश के 80% से अधिक नए वोकेशनल ट्रेनर्स को जब पहली सैलरी मिलती है, तो वे यह देखकर हैरान रह जाते हैं कि ₹20,000 या ₹25,000 के ऑफर लेटर के बावजूद उनके खाते में ₹3,500 से ₹4,500 कम क्यों आए। कई बार जानकारी के अभाव में ट्रेनर्स को लगता है कि कंपनी ने गैर-कानूनी कटौती कर ली है, जबकि कई मामलों में कुछ एजेंसियां इस जटिल गणित की आड़ में अपने “सर्विस चार्ज” या “एडमिनिस्ट्रेटिव फीस” भी ट्रेनर की सैलरी से काट लेती हैं—जो कि पूरी तरह नियमों के खिलाफ है।

आइए, समग्र शिक्षा के आधिकारिक वेतन संरचना सर्कुलर (Annexure A से D) के आधार पर पहले तीनों स्लैब समझते हैं और फिर देखते हैं कि सैलरी स्लिप का असली गणित कैसे काम करता है:

1. शिक्षा मंत्रालय (DoSEL/PAB) के 3 आधिकारिक वेतन स्लैब

नियुक्ति का वर्ष (Deployment Batch)स्वीकृत मासिक CTCलागू होने की स्थिति
FY 2023-24 से पूर्व नियुक्त VTs₹25,000 प्रति माहपुराने कार्यरत प्रशिक्षक (Existing VTs)
FY 2023-24 में नियुक्त VTs₹22,000 प्रति माहमध्यवर्ती बैच के प्रशिक्षक
FY 2024-25 से 2026-27 में नियुक्त VTs₹20,000 प्रति माहनवीन नियुक्त प्रशिक्षक (New VTs)

2. सैलरी स्लिप के 4 अनिवार्य वैधानिक नियम

समग्र शिक्षा के आधिकारिक निर्देश के अनुसार किसी भी VTP एजेंसी को अपनी मर्जी से बेसिक सैलरी घटाने की अनुमति नहीं है:

  • बेसिक पे (Basic Pay): यह कुल CTC के 50% से अधिक होना अनिवार्य है।
  • मकान किराया भत्ता (HRA): यह बेसिक पे का 40% निर्धारित किया गया है।
  • नियोक्ता अंशदान (Employer Share): बेसिक पे + अन्य भत्तों (HRA को छोड़कर) पर 13% EPF और कुल ग्रॉस मानदेय पर 3.25% ESIC जुड़कर CTC बनता है।
  • कर्मचारी अंशदान (Employee Share): ग्रॉस मानदेय में से 12% EPF और 0.75% ESIC कटने के बाद जो बचता है, वही आपकी Net Payable (इन-हैंड सैलरी) होती है।

चूंकि सैलरी ब्रेकडाउन में 6 से अधिक तकनीकी घटक शामिल हैं, इसलिए मोबाइल स्क्रीन पर आपकी सुविधा के लिए इसे नीचे कार्ड फॉर्मेट (Cards Format) में दिया गया है ताकि आप अपनी सैलरी स्लिप से एक-एक रुपये का मिलान कर सकें:

₹25,000 स्लैब (2023-24 से पूर्व नियुक्त VTs का आधिकारिक ब्रेकडाउन)

  • स्वीकृत CTC आधार (VTP इनवॉइस): ₹24,700 से ₹25,000 प्रति माह
  • Basic Pay (CTC के 50% से अधिक): ₹15,500
  • HRA (Basic का 40%) + अन्य भत्ते: ₹6,200 (HRA) + ₹255 (अन्य भत्ता) = ₹21,955 (Gross Honorarium)
  • Employer Share (CTC में शामिल): EPF (13%) = ₹2,128 | ESIC (3.25%) = ₹717
  • Employee Share (Gross से कटौती): EPF (12%) = ₹1,965 | ESIC (0.75%) = ₹165
  • Net In-Hand Salary (बैंक खाते में): ₹19,825 से ₹20,607 प्रति माह (भत्ते की संरचना के अनुसार)

टिप: भले ही आपके बैंक खाते में लगभग ₹20,607 आते हैं, लेकिन हर महीने आपके UAN (PF खाते) में ₹2,128 + ₹1,965 = ₹4,093 जमा होने अनिवार्य हैं।

₹22,000 स्लैब (2023-24 में नियुक्त VTs का आधिकारिक ब्रेकडाउन)

  • स्वीकृत CTC आधार: ₹21,700 से ₹22,000 प्रति माह
  • Basic Pay (CTC के 50% से अधिक): ₹13,600
  • HRA (Basic का 40%) + अन्य भत्ते: ₹5,440 (HRA) + ₹250 (अन्य भत्ता) = ₹19,290 (Gross Honorarium)
  • Employer Share (CTC में शामिल): EPF (13%) = ₹1,801 | ESIC (3.25%) = ₹627
  • Employee Share (Gross से कटौती): EPF (12%) = ₹1,662 | ESIC (0.75%) = ₹145
  • Net In-Hand Salary (बैंक खाते में): ₹17,483 से ₹18,100 प्रति माह

टिप: इस स्लैब में आपके EPFO पासबुक में हर महीने दोनों हिस्सों को मिलाकर लगभग ₹3,463 जमा होने चाहिए।

₹20,000 स्लैब (2024-25 से 2026-27 में नियुक्त नए VTs का ब्रेकडाउन)

  • स्वीकृत CTC आधार: ₹19,700 से ₹20,000 प्रति माह (जैसे AISECT व ओडिशा/हिमाचल EoI मानक)
  • Basic Pay (CTC के 50% से अधिक): ₹11,912 से ₹12,300
  • HRA (Basic का 40%) + अन्य भत्ते: ₹4,765 (HRA) + ₹838 (अन्य भत्ता) = ₹17,515 (Gross Honorarium)
  • Employer Share (CTC में शामिल): EPF (13%) = ₹1,658 | ESIC (3.25%) = ₹569
  • Employee Share (Gross से कटौती): EPF (12%) = ₹1,530 | ESIC (0.75%) = ₹131
  • Net In-Hand Salary (बैंक खाते में): ₹15,260 से ₹15,854 प्रति माह (यदि ESIC लागू न हो तो ₹16,500–₹17,600 तक)

टिप: ध्यान रखें—अगर आपके जिले या ब्लॉक में ESIC अस्पताल/डिस्पेंसरी अधिसूचित (Notified) नहीं है, तो VTP एजेंसी आपकी सैलरी से 4% (3.25% + 0.75%) ESIC नहीं काट सकती; उस स्थिति में वह पैसा आपकी सैलरी या ग्रुप मेडिकल इंश्योरेंस में दिखना चाहिए।

सरकारी स्कूल में वोकेशनल कोर्स के लिए Guest Lecture, Industrial Visit और Lab Raw Material का कितना बजट आता है?

सीधा जवाब: शिक्षा मंत्रालय की PAB कॉस्टिंग शीट के अनुसार, प्रत्येक स्कूल को व्यावसायिक शिक्षा के आवर्ती अनुदान (Recurring Grant) के रूप में Hands-on Skill Training (गेस्ट लेक्चर व फील्ड विजिट) के लिए ₹15,000 प्रति ट्रेड (2 ट्रेड वाले नए स्कूल को ₹30,000 और पुराने स्कूलों को ₹60,000–₹75,000 तक), प्रैक्टिकल लैब रॉ मटेरियल के लिए ₹28,000 प्रति ट्रेड (2 ट्रेड हेतु ₹56,000 से ₹1,12,000 तक) और ऑफिस कंटिन्जेंसी के लिए ₹25,000 से ₹1,00,000 तक का वार्षिक बजट मिलता है।

अक्सर स्कूलों में वोकेशनल ट्रेनर्स और प्रधानाचार्यों के बीच इस बात को लेकर असमंजस रहता है कि किस मद (Head) में कितना पैसा आया है और उसे किस काम में खर्च किया जा सकता है। समग्र शिक्षा के वित्तीय नियमों (PRABANDH पोर्टल एवं PAB मिनट्स) में नए स्कूलों (जहां केवल कक्षा 9 से शुरुआत हुई है) और पुराने स्कूलों (जहां कक्षा 9 से 12 तक चारों बैच चल रहे हैं) के लिए अलग-अलग यूनिट कॉस्ट तय की गई है।

नीचे दी गई 3-कॉलम टेबल में आप शिक्षा मंत्रालय के PAB द्वारा स्वीकृत प्रति स्कूल वार्षिक बजट को आसानी से समझ सकते हैं:

बजट मद (PAB Head)नया स्कूल (2 Trades)पुराना स्कूल (9वीं–12वीं)
Hands-on Skill (Visit + Guest Lecture)₹30,000 (₹15k/ट्रेड)₹60,000 – ₹75,000
Lab Raw Material (कच्चा माल)₹56,000 (₹28k/ट्रेड)₹56,000 – ₹1,12,000
Office Expenses / Contingency₹25,000 (₹12.5k/ट्रेड)₹50,000 – ₹1,00,000
SSC Assessment Fee (10वीं व 12वीं)लागू नहीं (केवल 9वीं)₹600 प्रति छात्र
Pre-Vocational (कक्षा 6–8 कौशल बोध)₹14,500 प्रति स्कूल₹14,500 प्रति स्कूल
Hub & Spoke छात्र ट्रांसपोर्ट भत्ता₹6,000 प्रति छात्र (सीमा)₹6,000 प्रति छात्र (सीमा)

इन बजट मदों को खर्च करने के 3 सबसे महत्वपूर्ण नियम:

  1. लैब रॉ मटेरियल (Raw Material Grant — ₹28,000 प्रति ट्रेड): यह राशि आपकी प्रैक्टिकल लैब में इस्तेमाल होने वाले कंज्यूमेबल सामान (जैसे—Automotive ट्रेड में इंजन ऑयल, ग्रीस, नट-बोल्ट, फिल्टर; IT ट्रेड में प्रिंटर कार्ट्रिज, लैन केबल, माउस; Beauty & Wellness में कॉस्मेटिक किट; या Agriculture में बीज व खाद) खरीदने के लिए आती है। केरल और आंध्र प्रदेश समग्र शिक्षा के दिशा-निर्देशों के अनुसार, पुराने स्कूलों में गैप असेसमेंट (Gap Assessment) के आधार पर यह फंड सीधे स्कूल के खाते में आता है और इसका अलग स्टॉक रजिस्टर बनाना अनिवार्य है।
  2. ऑफिस एक्सपेंसेस एवं कंटिन्जेंसी (Office Contingency — ₹25,000+): इस फंड का उपयोग वोकेशनल लैब के इंटरनेट रिचार्ज, स्टेशनरी, चार्ट पेपर, अटेंडेंस व पोर्टफोलियो रजिस्टर, और लैब के छोटे औजारों की मरम्मत (Maintenance of Tools & Equipment) के लिए किया जाता है।
  3. दूसरे मद में पैसा ट्रांसफर करने पर सख्त पाबंदी: आंध्र प्रदेश समग्र शिक्षा निदेशालय के परिपत्र (R.C.No.SS-21024/10/2022-GCDO) में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि व्यावसायिक शिक्षा (Vocational Education) के लिए आया बजट किसी भी हाल में स्कूल के सामान्य कार्यों (जैसे सामान्य पुताई या अन्य विषयों के खर्च) में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। यदि ऐसा पाया जाता है, तो संबंधित प्रधानाचार्य (Principal/Headmaster) अनुशासनात्मक कार्यवाही के भागी होंगे।

Guest Lecture और Industrial Field Visit के नियम क्या हैं: साल में कितने विजिट अनिवार्य हैं और प्रति लेक्चर कितना मानदेय मिलता है?

सीधा जवाब: PSSCIVE भोपाल और राज्य समग्र शिक्षा के मानकों के अनुसार, प्रत्येक व्यावसायिक ट्रेड में हर कक्षा के लिए साल में 8 Guest Lectures और 3 Industrial Field Visits कराना अनिवार्य है। बाहरी विशेषज्ञ (Guest Lecturer/Artisan) को प्रति लेक्चर ₹500 से ₹750 तक का मानदेय दिया जाता है, जबकि फील्ड विजिट के बजट से छात्रों के वाहन किराए (Transport) और स्वल्पाहार (Refreshment/Snacks) का खर्च वहन किया जाता है।

स्कूलों में वोकेशनल एजुकेशन का असली मकसद यही है कि छात्र केवल किताबों तक सीमित न रहें, बल्कि असली वर्कशॉप, अस्पताल, होटल या आईटी कंपनी का काम अपनी आंखों से देखें। PSSCIVE भोपाल द्वारा जारी ‘Handbook for Key Functionaries on Vocational Education (NEP 2020 & NCF-SE 2023)’ और ‘OJT & Field Visit Guidelines’ में इसके स्पष्ट नियम बताए गए हैं:

1. गेस्ट लेक्चर (Guest Lectures) के नियम

  • संख्या: झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद (JEPC) और अन्य राज्यों के EoI मानकों के अनुसार, प्रत्येक कक्षा (Class 9, 10, 11, 12) में प्रति ट्रेड साल में कम से कम 8 गेस्ट लेक्चर (यानी महीने में लगभग 1 लेक्चर) आयोजित किए जाने चाहिए।
  • मानदेय दर (Honorarium Limit): राज्य के PAB अनुमोदन के अनुसार, स्कूल में आने वाले रिसोर्स पर्सन (Resource Person / Industry Expert) को ₹500 से ₹750 प्रति लेक्चर का मानदेय चेक, बैंक ट्रांसफर (PFMS/SNA Vendor Payment) या वाउचर के माध्यम से दिया जाता है।
  • कौन बन सकता है गेस्ट लेक्चरर? यदि आपके स्कूल के आसपास कोई बड़ी फैक्ट्री या इंजीनियर नहीं है (विशेषकर उत्तराखंड और हिमाचल के पहाड़ी क्षेत्रों या ग्रामीण ब्लॉकों में), तो PSSCIVE की गाइडलाइन के अनुसार आप स्थानीय प्रगतिशील किसान, अधिकृत सर्विस सेंटर के सीनियर मैकेनिक, सरकारी अस्पताल के नर्सिंग ऑफिसर, स्थानीय बैंक/रिटेल स्टोर मैनेजर या किसी अनुभवी कारीगर (Artisan) को भी गेस्ट लेक्चर के लिए बुला सकते हैं।

2. इंडस्ट्रियल फील्ड विजिट (Industrial Field Visits) के नियम

  • संख्या: प्रत्येक शैक्षणिक सत्र में प्रति कक्षा, प्रति ट्रेड 3 इंडस्ट्रियल फील्ड विजिट अनिवार्य हैं।
  • खर्च के मद: इसमें छात्रों को कार्यस्थल तक ले जाने और वापस लाने के लिए बस/गाड़ी का किराया (Vehicle Transport), छात्रों के लिए जलपान (Student Snacks/Refreshments) और विजिट की व्यवस्था से जुड़े खर्च शामिल होते हैं।
  • अभिभावक सहमति पत्र (Parental Consent): किसी भी फील्ड विजिट पर ले जाने से पहले छात्रों के माता-पिता से लिखित सहमति पत्र (Consent Letter) लेना और छात्रों से विजिट की ‘एक्टिविटी डायरी’ (Student Portfolio Report) बनवाना अनिवार्य है, क्योंकि बोर्ड प्रैक्टिकल के 50 अंकों के आंतरिक मूल्यांकन में इस पोर्टफोलियो के नंबर जुड़ते हैं।

3. बड़ा सवाल: यह बजट स्कूल (SMC/Principal) के पास आता है या VTP एजेंसी के पास?

यहीं पर सबसे ज्यादा भ्रम होता है। देश के राज्यों में इसके दो मॉडल प्रचलित हैं:

  • मॉडल A (सीधे स्कूल SMC/SNA खाते में): उत्तराखंड, हिमाचल, केरल, आंध्र प्रदेश और ओडिशा जैसे अधिकांश राज्यों में पारदर्शिता के लिए रॉ मटेरियल, गेस्ट लेक्चर और फील्ड विजिट का पैसा सीधे स्कूल की विद्यालय प्रबंधन समिति (SMC/SMDC) के PFMS/SNA खाते में भेजा जाता है। यहां वोकेशनल ट्रेनर (VT) प्रधानाचार्य की अनुमति से गतिविधि कराता है और बिल वाउचर स्कूल के खाते से पास होते हैं।
  • मॉडल B (VTP एजेंसी के माध्यम से रीइम्बर्समेंट): झारखंड और कुछ अन्य राज्यों के कुछ क्लस्टर्स में Hands-on Skill Training का बजट VTP के टेंडर में शामिल होता है। ऐसे में VT को अपने स्टेट कोऑर्डिनेटर से एडवांस या बिल रीइम्बर्समेंट लेना होता है। इसलिए सत्र शुरू होते ही अपने स्कूल के कैशबुक/SNA लिमिट या राज्य के वार्षिक बजट आदेश में यह जरूर देख लें कि आपके राज्य में यह फंड किस माध्यम से रिलीज हुआ है।

Step-by-Step गाइड: VTs अपने UAN पोर्टल पर VTP का EPF/ESIC स्टेटस कैसे चेक करें और प्रधानाचार्य से स्कूल बजट का बिल कैसे पास कराएं?

वोकेशनल ट्रेनर्स अपने 12 अंकों के UAN नंबर के जरिए EPFO मेंबर पासबुक पोर्टल पर लॉग इन करके यह जांच सकते हैं कि VTP एजेंसी ने हर महीने सैलरी से काटा गया 12% कर्मचारी शेयर और 13% नियोक्ता शेयर जमा किया है या नहीं। वहीं, स्कूल बजट पास कराने के लिए प्रधानाचार्य को PAB सर्कुलर के साथ लिखित प्रस्ताव, उपस्थिति शीट और पक्के बिल सौंपने होते हैं।

नीचे दोनों प्रक्रियाओं के लिए क्रमबद्ध (Sequential) स्टेप-बाय-स्टेप गाइड दी गई है:

भाग A: UAN पोर्टल पर VTP की EPF कटौती और चोरी पकड़ने के 4 कदम

कदम 1: EPFO मेंबर पासबुक पोर्टल पर लॉग इन करें

  • समय: 2 मिनट
  • क्या करें: अपने मोबाइल ब्राउज़र में आधिकारिक वेबसाइट http://passbook.epfindia.gov.in/ खोलें और अपना 12 अंकों का UAN नंबर, पासवर्ड व कैप्चा डालकर साइन-इन करें।
  • क्यों: सैलरी स्लिप पर पीएफ लिखा होना सबूत नहीं है; असली सबूत EPFO सर्वर पर जमा हुआ चालान (TRRN) होता है।

कदम 2: अपनी वर्तमान VTP कंपनी की Member ID चुनें

  • समय: 1 मिनट
  • क्या करें: यदि राज्य में टेंडर बदलने से आपकी VTP कंपनी बदली है, तो ड्रॉपडाउन मेनू से वर्तमान एजेंसी की ‘Member ID’ चुनें और ‘View Passbook’ पर क्लिक करें।
  • क्यों: हर नई VTP एजेंसी आपके उसी UAN के अंतर्गत एक नया मेंबर आईडी अकाउंट खोलती है।

कदम 3: Employee Share (12%) और Employer Share (3.67% EPF + 8.33% EPS) का मिलान करें

  • समय: 3 मिनट
  • क्या करें: पासबुक टेबल में ‘Wage Month’ के सामने देखें कि क्या हर महीने की एंट्री मौजूद है? ₹20,000 CTC स्लैब में लगभग ₹1,530 (Employee) + ₹1,530 (Employer EPF+EPS) और ₹25,000 स्लैब में लगभग ₹1,965 + ₹1,965 दिखना चाहिए।
  • क्यों: कई डिफॉल्टर VTP एजेंसियां सैलरी से पैसा तो हर महीने काट लेती हैं, लेकिन EPFO में 6-6 महीने तक जमा नहीं करतीं।

कदम 4: विसंगति मिलने पर PDF पासबुक डाउनलोड कर साक्ष्य सुरक्षित रखें

  • समय: 1 मिनट
  • क्या करें: ‘Download as PDF’ पर क्लिक करके अपनी पासबुक सेव कर लें और अपनी बैंक स्टेटमेंट (जिसमें कम सैलरी आई है) के साथ इसका मिलान करें।
  • क्यों: EPFiGMS और समग्र शिक्षा SPD को शिकायत भेजते समय यही PDF सबसे मजबूत कानूनी सबूत बनता है।

भाग B: स्कूल प्रधानाचार्य से Guest Lecture और Field Visit का बजट पास कराने के 4 कदम

कदम 1: मासिक/तिमाही कार्ययोजना का लिखित प्रस्ताव (Prior Approval Application) दें

  • समय: विजिट/लेक्चर से 5–7 दिन पहले
  • क्या करें: प्रधानाचार्य को एक औपचारिक प्रार्थना पत्र दें जिसमें PSSCIVE और समग्र शिक्षा के वार्षिक लक्ष्य (8 गेस्ट लेक्चर व 3 फील्ड विजिट) का हवाला देते हुए तिथि, स्थान/विशेषज्ञ का नाम और अनुमानित खर्च लिखा हो।
  • क्यों: सरकारी वित्तीय नियमों (PFMS/SNA) में किसी भी खर्च से पहले सक्षम अधिकारी (Principal/SMC अध्यक्ष) की पूर्व-स्वीकृति (Prior Sanction) अनिवार्य होती है।

कदम 2: अभिभावक सहमति पत्र (Consent Letter) और उपस्थिति पंजिका तैयार करें

  • समय: विजिट से 2 दिन पहले
  • क्या करें: फील्ड विजिट के लिए सभी छात्रों के माता-पिता से हस्ताक्षरित सहमति पत्र लें और गेस्ट लेक्चर/विजिट के दिन छात्रों व रिसोर्स पर्सन की हस्ताक्षर युक्त उपस्थिति शीट (Attendance Sheet) बनाएं।
  • क्यों: ऑडिट के दौरान यह प्रमाणित करता है कि गतिविधि वास्तव में छात्रों की उपस्थिति में संपन्न हुई है।

कदम 3: जियो-टैग फोटो (Geo-Tagged Photos) और विशेषज्ञ का बायोडाटा संलग्न करें

  • समय: गतिविधि के दिन
  • क्या करें: गेस्ट लेक्चर या इंडस्ट्रियल विजिट के दौरान GPS Map Camera ऐप से 3–4 साफ जियो-टैग फोटो खींचें और उन्हें प्रिंट कराकर फाइल में लगाएं; साथ ही गेस्ट लेक्चरर का संक्षिप्त परिचय व बैंक विवरण (PFMS वेंडर पेमेंट हेतु) लें।
  • क्यों: समग्र शिक्षा के PRABANDH और राज्य पोर्टलों पर गतिविधि अपलोड करने के लिए जियो-टैग फोटो अनिवार्य हैं।

कदम 4: पक्के जीएसटी/कैश वाउचर के साथ बिल फाइल जमा करें

  • समय: गतिविधि के 2 दिन के भीतर
  • क्या करें: वाहन किराए का बिल (गाड़ी नंबर व ड्राइवर के हस्ताक्षर सहित), छात्रों के जलपान का बिल और गेस्ट लेक्चरर के मानदेय (₹500–₹750) की रसीद को मुख्य आवेदन के साथ नत्थी करके स्कूल के लेखाकार/नोडल अधिकारी को SNA पोर्टल से भुगतान हेतु सौंप दें।
  • क्यों: सभी दस्तावेज पूरे होने पर प्रधानाचार्य को बिल पास करने में कोई संकोच नहीं होता और ऑडिट आपत्ति की संभावना शून्य हो जाती है।

रेडीमेड फॉर्मेट: प्रधानाचार्य को Guest Lecture / Field Visit बजट स्वीकृति हेतु आवेदन पत्र

(वोकेशनल ट्रेनर्स इसे कॉपी करके सीधे अपने स्कूल लेटरहेड या सादे कागज पर इस्तेमाल कर सकते हैं):

सेवा में,

प्रधानाचार्य महोदय / महोदया,

[विद्यालय का नाम एवं ब्लॉक/जिला लिखें]

विषय: समग्र शिक्षा (NSQF व्यावसायिक शिक्षा) सत्र 2026-27 के अंतर्गत अनिवार्य Guest Lecture एवं Industrial Field Visit के आयोजन तथा बजट स्वीकृति के संबंध में।

महोदय/महोदया,

सादर अवगत कराना है कि शिक्षा मंत्रालय (PAB) एवं PSSCIVE भोपाल के व्यावसायिक शिक्षा दिशा-निर्देशों के अंतर्गत हमारे विद्यालय में संचालित ट्रेड [अपने ट्रेड का नाम लिखें, जैसे—Automotive / IT-ITeS / Retail / Healthcare] के कक्षा 9वीं से 12वीं के छात्र-छात्राओं के व्यावहारिक कौशल विकास हेतु प्रत्येक शैक्षणिक सत्र में 8 Guest Lectures (मानदेय ₹500–₹750 प्रति लेक्चर) तथा 3 Industrial Field Visits (वाहन परिवहन एवं छात्र स्वल्पाहार) आयोजित किए जाने का प्रावधान है, जिसके लिए समग्र शिक्षा के आवर्ती अनुदान (Hands-on Skill Training Head) में ₹15,000 प्रति ट्रेड का बजट स्वीकृत होता है।

इसी क्रम में दिनांक [तारीख लिखें] को कक्षा [कक्षा लिखें] के छात्रों हेतु [गेस्ट लेक्चर का विषय / इंडस्ट्रियल विजिट के संस्थान का नाम] का आयोजन प्रस्तावित है, जिसका अनुमानित व्यय ₹[राशि लिखें]/- है।

अतः आपसे विनम्र अनुरोध है कि छात्रहित में उक्त शैक्षणिक गतिविधि के आयोजन एवं विद्यालय के व्यावसायिक शिक्षा मद (SNA/SMC खाते) से नियमानुसार व्यय/भुगतान की स्वीकृति प्रदान करने की कृपा करें। गतिविधि संपन्न होने के पश्चात उपस्थिति पंजिका, जियो-टैग फोटो एवं मूल बिल वाउचर कार्यालय में जमा कर दिए जाएंगे।

संलग्नक: 1. प्रस्तावित समय-सारणी एवं छात्र सूची | 2. अनुमानित व्यय विवरण

भवदीय,

[आपका नाम]

व्यावसायिक प्रशिक्षक (Vocational Trainer – [Trade Name])

दिनांक: ……………

जमीनी चुनौतियां और समाधान: VTP द्वारा वेतन रोकने या कम देने पर शिकायत कहां और कैसे करें?

यदि कोई VTP एजेंसी आपका मानदेय 2-3 महीने से रोक रही है या सैलरी से EPF काटने के बाद भी UAN खाते में जमा नहीं कर रही है, तो आप सीधे EPFiGMS पोर्टल (epfigms.gov.in), केंद्र सरकार के CPGRAMS पोर्टल (pgportal.gov.in) और अपने राज्य के State Project Director (SPD, Samagra Shiksha) को लिखित साक्ष्यों के साथ ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

सच बात यह है कि एक वोकेशनल ट्रेनर के लिए अपनी ही कंपनी के खिलाफ आवाज उठाना आसान नहीं होता। हर साल 31 मार्च को कॉन्ट्रैक्ट रिन्यूअल (Contract Renewal) का डर दिखाया जाता है और कई बार VTP कोऑर्डिनेटर फोन उठाना तक बंद कर देते हैं। इसी तरह स्कूल स्तर पर जब प्रधानाचार्य को PFMS/SNA के नए नियमों की पूरी जानकारी नहीं होती, तो वे ऑडिट के डर से Raw Material या Field Visit का पैसा खर्च करने से मना कर देते हैं।

लेकिन डरने के बजाय अगर आप सही सरकारी प्रक्रिया अपनाएं, तो बिना अपनी नौकरी को खतरे में डाले समाधान निकाला जा सकता है। नीचे दी गई 3-कॉलम टेबल में सबसे आम जमीनी समस्याओं और उनके सटीक आधिकारिक समाधान दिए गए हैं:

मुख्य समस्या (Ground Issue)यह क्यों होती है?सटीक सरकारी समाधान
VTP द्वारा 2-4 माह से वेतन रोकनाएजेंसी द्वारा समय पर राज्य निदेशालय को बिल/UC न भेजनाराज्य SPD कार्यालय एवं pgportal.gov.in (DoSEL) पर शिकायत दर्ज करें
सैलरी से EPF कटा पर UAN में जमा नहींVTP द्वारा EPF एक्ट 1952 के तहत चालान (TRRN) में देरीepfigms.gov.in पर पासबुक व बैंक स्टेटमेंट जोड़कर ग्रीवांस डालें
31 मार्च के बाद पुराने VT को ₹20k देनापुरानी सेवा छिपाकर नए ट्रेनर (New VT) के रूप में दिखानानियुक्ति पत्र व अनुभव प्रमाण-पत्र के साथ SPD से ₹25k/₹22k स्लैब मांगें
प्रधानाचार्य द्वारा विजिट बजट से इनकारसामान्य फंड व वोकेशनल फंड के नियमों में भ्रमप्रधानाचार्य को PAB Costing Sheet व SPD का स्पष्ट सर्कुलर दिखाएं
लैब का सामान खरीदने में GeM की अड़चनछोटे कंज्यूमेबल सामान का GeM पर न मिलनास्थानीय कोटेशन नियम व SMC क्रय समिति के माध्यम से कच्चा माल खरीदें

एक जरूरी बात याद रखिए: जब भी आप epfigms.gov.in पर पीएफ जमा न होने की शिकायत दर्ज करते हैं, तो क्षेत्रीय पीएफ कमिश्नर (Regional PF Commissioner) के पास सीधे VTP एजेंसी को नोटिस भेजने और उस पर 12% वार्षिक ब्याज व जुर्माना (Section 7A & 14B of EPF Act) लगाने का अधिकार होता है। इसके अलावा, झारखंड और ओडिशा जैसे राज्यों के टेंडर (EoI) नियमों में साफ लिखा है कि जब तक VTP पिछले महीनों के EPF/ESIC भुगतान का प्रमाण जमा नहीं करेगी, तब तक राज्य सरकार उसका अगला बिल पास नहीं करेगी।

भविष्य की राह: Direct Contract बनाम VTP मॉडल और NEP 2020 ‘Hub and Spoke’ का नया दौर

सीधा जवाब: राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) और मई 2026 में दिल्ली सरकार द्वारा वोकेशनल शिक्षकों का वेतन ₹38,100 प्रति माह किए जाने के बाद, देशभर में VTP बिचौलियों को हटाकर Direct Contract / सोसाइटी पेरोल मॉडल लागू करने की मांग तेज हो गई है। साथ ही, कक्षा 6 से 8 तक ‘कौशल बोध’ और ‘Hub-and-Spoke’ मॉडल से वोकेशनल ट्रेनर्स की भूमिका अब और भी स्थायी होने जा रही है।

अगर हम आने वाले 1 से 2 वर्षों के नीतिगत बदलावों को देखें, तो व्यावसायिक प्रशिक्षकों के लिए तीन बड़े सकारात्मक संकेत साफ दिखाई दे रहे हैं:

  1. दिल्ली (₹38,100) और हरियाणा मॉडल का अन्य राज्यों पर दबाव: मई 2026 में दिल्ली कैबिनेट द्वारा समग्र शिक्षा और वोकेशनल शिक्षकों का वेतन ₹38,100 प्रति माह किए जाने के फैसले ने पूरे उत्तर भारत में एक नया मानक स्थापित कर दिया है। हरियाणा पहले ही हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) व विभागीय अनुबंध के जरिए VTP कंपनियों की मनमानी खत्म कर चुका है। अब उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश के वोकेशनल ट्रेनर संघ भी अपने मुख्यमंत्रियों और शिक्षा मंत्रियों के सामने यही आधिकारिक तथ्य रख रहे हैं कि जब केंद्र से बजट सीधे राज्य की समग्र शिक्षा सोसाइटी को आता है, तो बीच में VTP एजेंसियों को कमिशन देने के बजाय सीधे विभाग या सोसाइटी के माध्यम से मानदेय दिया जाए।
  2. कक्षा 6 से 8 तक ‘कौशल बोध’ (Pre-Vocational Education) का विस्तार: अब वोकेशनल एजुकेशन केवल कक्षा 9 से 12 तक सीमित नहीं है। NCERT और PSSCIVE भोपाल ने कक्षा 6 से 8 के लिए ‘कौशल बोध’ (Kaushal Bodh) पाठ्यक्रम और 10-Bagless Days को नेशनल क्रेडिट फ्रेमवर्क (NCrF) से जोड़ दिया है, जिसके लिए PAB से प्रति स्कूल ₹14,500 का प्री-वोकेशनल बजट भी दिया जा रहा है। सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में कार्यरत VTs ही इस पूरे फ्रेमवर्क के मुख्य मेंटर हैं।
  3. Hub-and-Spoke मॉडल का बजट (₹6,000 प्रति छात्र ट्रांसपोर्ट सीलिंग): समग्र शिक्षा के नए वित्तीय मानकों के अनुसार, जिन छोटे स्कूलों (Spoke Schools) में खुद की वोकेशनल लैब नहीं है, वहां के छात्रों को पास के बड़े स्कूल (Hub School) की लैब में ट्रेनिंग के लिए लाया जाएगा, और इसके लिए सरकार ने ₹6,000 प्रति छात्र प्रति वर्ष तक के ट्रांसपोर्ट/एस्कॉर्ट भत्ते का प्रावधान किया है। इससे हर Hub स्कूल में कार्यरत वोकेशनल ट्रेनर की जरूरत और पद की महत्ता कई गुना बढ़ गई है।

निष्कर्ष: अपने अधिकार और स्कूल के बजट—दोनों के प्रति जागरूक बनें

व्यावसायिक शिक्षा आज भारत की स्कूली शिक्षा व्यवस्था का सबसे तेजी से उभरता हुआ स्तंभ है। एक वोकेशनल ट्रेनर के रूप में आप केवल एक विषय नहीं पढ़ा रहे हैं, बल्कि सरकारी स्कूलों के लाखों बच्चों को हुनरमंद बनाकर उन्हें सीधे रोजगार के काबिल बना रहे हैं—जिसका प्रमाण 2026 में बढ़कर 56.4% हुई युवा रोजगार दर है।

लेकिन अपनी इस जिम्मेदारी को पूरी ऊर्जा से निभाने के लिए यह जरूरी है कि आपको अपने मेहनत के मानदेय, अपने पीएफ (EPF) के पैसे और अपनी लैब के बजट की पूरी और सटीक जानकारी हो।

आज ही ये 3 छोटे कदम उठाएं:

  1. अपनी पिछली 3 सैलरी स्लिप निकालें और ऊपर दिए गए ₹20,000 / ₹22,000 / ₹25,000 CTC कार्ड से अपनी बेसिक पे व EPF कटौती का मिलान करें।
  2. अपने मोबाइल में passbook.epfindia.gov.in खोलकर चेक करें कि आपकी VTP ने सितंबर-अक्टूबर तक का दोनों तरफ का PF (13% + 12%) जमा किया है या नहीं।
  3. अगर आपके स्कूल में इस तिमाही के Guest Lectures (₹500–₹750/लेक्चर) या Industrial Field Visits (₹15,000/ट्रेड बजट) अभी तक नहीं हुए हैं, तो ऊपर दिए गए रेडीमेड आवेदन पत्र का प्रिंट निकालें और कल ही अपने प्रधानाचार्य से चर्चा कर छात्रों के लिए विजिट प्लान करें।

जब आपके हाथ में शिक्षा मंत्रालय के PAB मिनट्स और PSSCIVE भोपाल के आधिकारिक सर्कुलर के तथ्य होते हैं, तो न कोई एजेंसी आपका हक रोक सकती है और न ही आपके छात्रों का प्रैक्टिकल बजट लैप्स हो सकता है। इस जानकारी को अपने राज्य और जिले के सभी वोकेशनल ट्रेनर साथियों व प्रधानाचार्यों के व्हाट्सएप ग्रुप में जरूर साझा करें ताकि हर स्कूल और हर ट्रेनर अपने अधिकारों के प्रति सशक्त बन सके।

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