9वीं से 12वीं के छात्रों के लिए बड़ी खबर: अब APAAR ID और Skill India पोर्टल से सीधे मिलेंगे 40 क्रेडिट पॉइंट्स व फ्री सरकारी सर्टिफिकेट!

मुख्य बिंदु (Quick Highlights – 30 सेकंड में समझें)

  • एकीकृत पहचान और कौशल खाता: नेशनल क्रेडिट फ्रेमवर्क (NCrF 2023) के तहत अब कक्षा 9वीं से 12वीं के व्यावसायिक (NSQF) छात्रों की 12-अंकों की APAAR ID (यानी ABC ID) को सीधे Skill India Digital Hub (SIDH) और DigiLocker से जोड़ा जा रहा है।
  • हर साल 40 पक्के क्रेडिट्स: NCVET और UGC के नियमों के अनुसार 30 घंटे की पढ़ाई व प्रैक्टिकल पर 1 क्रेडिट मिलता है, जिससे एक शैक्षणिक सत्र में 1,200 घंटे पूरे करने पर छात्र के खाते में 40 क्रेडिट पॉइंट्स जमा होते हैं।
  • स्कूल के माध्यम से मुफ्त निर्माण: 16 वर्ष से कम आयु के स्कूली छात्रों की APAAR ID माता-पिता के सहमति पत्र के बाद स्कूल के UDISE+ पोर्टल (PEN नंबर) से बिल्कुल मुफ्त बनाई जाती है।
  • डबल सरकारी सर्टिफिकेट लाभ: छात्र डिजीलॉकर से अपनी बोर्ड मार्कशीट के अलावा अलग से NSQF स्किल सर्टिफिकेट डाउनलोड कर सकते हैं और skillindiadigital.gov.in पर 40 से 120 घंटे के फ्री कोर्स करके अतिरिक्त क्रेडिट जोड़ सकते हैं।

अगर आप कक्षा 9वीं से 12वीं में आईटी (IT/ITeS), ऑटोमोटिव, रिटेल, ब्यूटी एंड वेलनेस, हेल्थकेयर या किसी भी अन्य व्यावसायिक विषय (Skill Subject) की पढ़ाई कर रहे हैं, या आप एक व्यावसायिक शिक्षक (Vocational Trainer – VT) हैं, तो सत्र 2026-27 में आपके लिए एक बहुत बड़ा बदलाव लागू हो चुका है। अब तक स्कूल में पढ़ाया जाने वाला व्यावसायिक विषय सिर्फ बोर्ड परीक्षा के अंक बढ़ाने का ज़रिया माना जाता था, लेकिन अब सरकार ने इसे सीधे आपके भविष्य के करियर और क्रेडिट बैंक से जोड़ दिया है।

शिक्षा मंत्रालय और कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय (MSDE) की नई व्यवस्था के तहत skill india digital hub student registration with apaar id (स्किल इंडिया डिजिटल हब और अपार आईडी एकीकरण) की प्रक्रिया तेज़ी से चल रही है। सीधी और स्पष्ट बात यह है कि अब छात्र जो भी स्किल सब्जेक्ट या प्रैक्टिकल ट्रेनिंग स्कूल में करेंगे, उसके सरकारी क्रेडिट पॉइंट्स और प्रमाणपत्र सीधे उनके डिजिटल खाते में जमा होंगे। इस विस्तृत गाइड में हम आधिकारिक बोर्ड सर्कुलर और ज़मीनी अनुभव के आधार पर समझेंगे कि यह पूरा सिस्टम कैसे काम करता है और छात्रों व शिक्षकों को इसके लिए क्या कदम उठाने हैं।

NCrF 2023 Mandate: स्कूली व्यावसायिक छात्रों के लिए APAAR ID और Skill India Digital Hub (SIDH) का नया एकीकरण क्या है?

नेशनल क्रेडिट फ्रेमवर्क (NCrF 2023) के तहत शिक्षा मंत्रालय और कौशल विकास मंत्रालय (MSDE) ने छात्रों की 12-अंकों की APAAR ID (यानी ABC ID), DigiLocker और Skill India Digital Hub (SIDH) को आपस में जोड़ दिया है। इससे कक्षा 9 से 12 के छात्रों के व्यावसायिक विषय (NSQF Level 1–4) के सर्टिफिकेट और वार्षिक 40 क्रेडिट पॉइंट्स एक ही डिजिटल खाते में सुरक्षित जमा होते हैं।

आसान शब्दों में समझें तो भारत सरकार ने ‘डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI)’ के तहत छात्रों के लिए तीन परतों (3-Layer Stack) वाला एक मज़बूत सिस्टम तैयार किया है:

  1. पहचान की परत (Identity Layer): छात्र की 12-अंकों की APAAR ID (ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री), जिसे ‘वन नेशन, वन स्टूडेंट आईडी’ भी कहा जाता है।
  2. स्टोरेज की परत (Storage Layer): सरकार का DigiLocker और नेशनल एकेडमिक डिपॉजिटरी (NAD), जहाँ छात्र की सभी मार्कशीट और कौशल प्रमाणपत्र डिजिटल रूप से सुरक्षित रहते हैं।
  3. कौशल और करियर की परत (Skilling & Credit Layer): Skill India Digital Hub (skillindiadigital.gov.in) और Academic Bank of Credits (abc.gov.in), जहाँ छात्र के सभी शैक्षणिक व स्किल क्रेडिट जमा होते हैं और क्यूआर-कोड (QR Code) वाला डिजिटल सीवी बनता है।

अक्टूबर 2026 के ताज़ा आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, देश भर में अब तक 34.42 करोड़ से अधिक छात्रों की APAAR ID बनाई जा चुकी है और 10.86 करोड़ से ज्यादा शैक्षणिक रिकॉर्ड्स क्रेडिट डेटा के साथ मैप किए जा चुके हैं (स्रोत: abc.gov.in आधिकारिक डैशबोर्ड, अक्टूबर 2026)।

APAAR ID और ABC ID में क्या अंतर है?

स्कूलों में छात्रों और अभिभावकों के बीच सबसे बड़ा भ्रम यह रहता है कि क्या APAAR ID और ABC ID (एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट्स आईडी) दो अलग-अलग कार्ड हैं? abc.gov.in पोर्टल के आधिकारिक दिशानिर्देशों के मुताबिक, APAAR ID और ABC ID बिल्कुल एक ही 12-अंकों का आजीवन (Lifelong) नंबर हैं।

जब आप स्कूल स्तर पर इसे बनवाते हैं तो इसे ‘अपार कार्ड’ कहा जाता है, और यही 12-अंकों का नंबर आगे कॉलेज के एडमिशन, विश्वविद्यालय के फॉर्म और Skill India पोर्टल पर आपके ‘एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट्स (ABC)’ खाते के रूप में काम करता है। बिना APAAR ID के कोई भी छात्र ABC पोर्टल की क्रेडिट सेवाओं का लाभ नहीं उठा सकता है।

वोकेशनल छात्रों (IT, Automotive, Retail, Beauty, Healthcare) को इस लिंकिंग से क्या फायदा होगा?

  • सामान्य और व्यावसायिक शिक्षा को बराबर दर्जा: राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत अब व्यावसायिक विषय के क्रेडिट्स की वैल्यू गणित, विज्ञान या कॉमर्स जैसे मुख्य विषयों के बराबर हो गई है।
  • कॉलेज एडमिशन और क्रेडिट ट्रांसफर में आसानी: 12वीं (NSQF Level 4) पास करने के बाद जब छात्र किसी डिग्री, डिप्लोमा या स्किल यूनिवर्सिटी में प्रवेश लेगा, तो उसके स्कूल के संचित क्रेडिट्स सीधे उसके कॉलेज खाते में दिखेंगे।
  • NAPS अप्रेंटिसशिप और ₹1,500 मासिक सरकारी DBT स्टाइपेंड: Skill India Digital Hub अब सीधे नेशनल अप्रेंटिसशिप प्रमोशन स्कीम (NAPS 2.0 – apprenticeshipindia.gov.in) से जुड़ चुका है। 10वीं या 12वीं पास वोकेशनल छात्र अपने डिजिटल स्किल कार्ड के ज़रिए सीधे इंडस्ट्री अप्रेंटिसशिप के लिए आवेदन कर सकते हैं, जहाँ सरकार की ओर से प्रति माह ₹1,500 तक की DBT स्टाइपेंड सहायता मिलती है।
  • QR-Verified डिजिटल सीवी (Digital CV): SIDH पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करते ही छात्र का एक वेरिफाइड डिजिटल रिज्यूमे तैयार हो जाता है, जिसे कोई भी कंपनी क्यूआर कोड स्कैन करके तुरंत जांच सकती है।

कक्षा 9वीं से 12वीं तक NSQF Level 1 से 4 में क्रेडिट पॉइंट्स कैसे मिलते हैं?

राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण परिषद (NCVET) और UGC के नेशनल क्रेडिट फ्रेमवर्क (NCrF) नियमों के अनुसार, 30 नोशनल लर्निंग घंटों (Notional Learning Hours) पर 1 क्रेडिट पॉइंट मिलता है। कक्षा 9वीं से 12वीं के छात्रों को एक वर्ष में 1,200 घंटे की पढ़ाई, लैब प्रैक्टिकल और OJT पूरी करने पर 40 वार्षिक क्रेडिट मिलते हैं।

अक्सर छात्र और अभिभावक पूछते हैं कि यह ‘क्रेडिट स्कोर’ कैसे गिना जाता है? PSSCIVE Bhopal और NCVET के रिवाइज्ड NSQF नोटिफिकेशन (जून 2023 व सत्र 2026-27 मानक) के अनुसार, स्कूल की प्रत्येक कक्षा को एक विशेष NSQF Level से जोड़ा गया है। इसमें थ्योरी क्लासरूम, प्रैक्टिकल लैब, प्रोजेक्ट कार्य और कक्षा 11वीं-12वीं में 80 घंटे की ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग (OJT) के कुल घंटों को जोड़कर क्रेडिट दिए जाते हैं।

नीचे दी गई 3-कॉलम मोबाइल तालिका में आप कक्षावार लेवल और क्रेडिट गणित को आसानी से समझ सकते हैं:

कक्षा और NSQF लेवलवार्षिक लर्निंग घंटेमिलने वाले कुल क्रेडिट्स
कक्षा 9वीं (NSQF Level 1)1,200 घंटे / वर्ष40 क्रेडिट्स (20 प्रति सेमेस्टर)
कक्षा 10वीं (NSQF Level 2)1,200 घंटे / वर्ष40 क्रेडिट्स (कुल संचित: 80)
कक्षा 11वीं (NSQF Level 3)1,200 घंटे / वर्ष40 क्रेडिट्स (कुल संचित: 120)
कक्षा 12वीं (NSQF Level 4)1,200 घंटे / वर्ष40 क्रेडिट्स (कुल संचित: 160)

(स्रोत: NCVET / UGC नेशनल क्रेडिट फ्रेमवर्क नोटिफिकेशन एवं PSSCIVE भोपाल गाइडलाइंस)

16 साल से कम उम्र के छात्रों की APAAR ID कैसे बनती है और CBSE के नए सर्कुलर नियम क्या हैं?

डिजीलॉकर और शिक्षा मंत्रालय के नियमों के अनुसार, 16 वर्ष से कम आयु के स्कूली छात्र खुद मोबाइल से अपनी APAAR ID नहीं बना सकते हैं। उनकी APAAR ID केवल स्कूल द्वारा UDISE+ पोर्टल पर छात्र के 11-अंकों के PEN (परमानेंट एजुकेशन नंबर) और माता-पिता के लिखित सहमति पत्र के माध्यम से बनाई जाती है।

यहीं पर ज़्यादातर कक्षा 9वीं और 10वीं के छात्र एक बड़ी गलती कर बैठते हैं। वे घर बैठे अपने मोबाइल में डिजीलॉकर ऐप डाउनलोड करके खुद अपनी अपार आईडी बनाने की कोशिश करते हैं और पोर्टल पर आयु संबंधी एरर आ जाता है।

Under-16 डिजीलॉकर एरर और साइबर कैफे की ठगी से बचें

ज़मीनी हकीकत यह है कि 16 साल से कम उम्र के छात्रों के लिए डिजीलॉकर पर सेल्फ-क्रिएशन (खुद आईडी बनाने) की सुविधा बंद रखी गई है ताकि नाबालिग छात्रों के डेटा की सुरक्षा बनी रहे। ऐसे सभी छात्रों की आईडी केवल स्कूल के UDISE+ प्रभारी शिक्षक द्वारा पोर्टल के APAAR Module से ही जनरेट होगी। इसके लिए किसी भी साइबर कैफे को ₹100 या ₹200 देने की ज़रूरत नहीं है—यह पूरी सरकारी प्रक्रिया 100% निःशुल्क (₹0 शुल्क) है।

CBSE के दो सबसे महत्वपूर्ण आधिकारिक सर्कुलर और बोर्ड LOC कोड्स (REFUSED / NOGEN)

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने सभी संबद्ध स्कूलों के लिए दो बेहद कड़े सर्कुलर जारी किए हैं जिन्हें हर छात्र, अभिभावक और व्यावसायिक शिक्षक को जानना ज़रूरी है:

  1. CBSE सर्कुलर संख्या CBSE/IT & Projects/APAAR ID/2025 (दिनांक 24 जनवरी 2025): इस आदेश में बोर्ड ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि सभी स्कूल प्राथमिकता के आधार पर कक्षा 9वीं से 12वीं के छात्रों की APAAR ID बनाएं। इसकी निगरानी के लिए बोर्ड ने ‘APAAR ID Monitoring (AIM)’ सिस्टम शुरू किया है और किसी भी समस्या के लिए राष्ट्रीय टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800-889-3511 जारी किया है।
  2. CBSE सर्कुलर संख्या CBSE/Co-Ord/APAAR ID/2025-2026 (दिनांक 09 सितंबर 2025): परीक्षा नियंत्रक डॉ. संयम भारद्वाज द्वारा जारी इस सर्कुलर के तहत कक्षा 10वीं और 12वीं के बोर्ड परीक्षा फॉर्म यानी LOC (List of Candidates) में प्रत्येक छात्र की APAAR ID को लिंक करना अनिवार्य किया गया है।

बोर्ड LOC में REFUSED और NOGEN कोड का आपके क्रेडिट्स पर असर

CBSE के 09 सितंबर 2025 के सर्कुलर के अनुसार, यदि किसी छात्र के माता-पिता सहमति पत्र देने से मना करते हैं, तो स्कूल को उसका लिखित रिकॉर्ड रखकर बोर्ड की LOC में अपार आईडी की जगह “REFUSED” दर्ज करना होगा। वहीं, यदि आधार और स्कूल रिकॉर्ड में नाम या जन्मतिथि अलग होने से तकनीकी कारणों से आईडी नहीं बन पाती है, तो स्कूल वहां “NOGEN” कोड भरेगा। सावधानी: शिक्षा मंत्रालय और NCERT (अप्रैल 2026 स्पष्टीकरण) के अनुसार APAAR ID न होने पर किसी छात्र को परीक्षा या एडमिशन से तो नहीं रोका जा सकता, लेकिन यदि आपकी LOC में REFUSED या NOGEN दर्ज हो गया, तो 10वीं या 12वीं पास करने के बाद आपके 40 वार्षिक क्रेडिट्स और स्किल सर्टिफिकेट अपने आप आपके ABC खाते में ट्रांसफर नहीं हो पाएंगे! इसलिए समय रहते अपने स्कूल के UDISE+ रिकॉर्ड को दुरुस्त करवाकर अपनी अपार आईडी ज़रूर लिंक करवाएं।

प्रमुख व्यावसायिक ट्रेड्स के लिए Skill India Digital Hub (SIDH) पर कौन से फ्री कोर्स और करियर अवसर उपलब्ध हैं?

कौशल विकास मंत्रालय के Skill India Digital Hub (skillindiadigital.gov.in) पोर्टल पर 22 भारतीय भाषाओं में 40 से 120 घंटे के शॉर्ट-टर्म और 150 से 400 घंटे के मीडियम-टर्म निःशुल्क सरकारी सर्टिफिकेट कोर्स उपलब्ध हैं। ये कोर्स NCVET और 37+ सेक्टर स्किल काउंसिल (SSC) से मान्यता प्राप्त हैं और सीधे ABC खाते में अतिरिक्त क्रेडिट जोड़ते हैं।

ग्रामीण या पहाड़ी क्षेत्रों (जैसे उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश या बिहार के सरकारी स्कूलों) में पढ़ने वाले छात्रों को अक्सर यह शिकायत रहती है कि उनके आसपास बड़ी इंडस्ट्रीज या महंगे कोचिंग सेंटर नहीं हैं। ऐसे छात्रों के लिए PMKVY 4.0 और Skill India Digital Hub के वर्चुअल लैब्स व फ्री सर्टिफिकेट कोर्स किसी वरदान से कम नहीं हैं।

नीचे दिए गए प्रमुख स्कूली ट्रेड्स के अनुसार संबंधित सेक्टर स्किल काउंसिल (SSC), बेस्ट फ्री SIDH कोर्स और करियर लाभ दिए गए हैं:

1. आईटी और आईटीईएस ट्रेड (IT / ITeS & Artificial Intelligence)

  • सेक्टर स्किल काउंसिल (SSC): नैसकॉम (NASSCOM)
  • स्कूली NSQF जॉब रोल: डोमेस्टिक डेटा एंट्री ऑपरेटर (Level 2), जूनियर सॉफ्टवेयर डेवलपर (Level 4)
  • SIDH पर बेस्ट फ्री सर्टिफिकेट कोर्स: पायथन प्रोग्रामिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) फाउंडेशन, साइबर सिक्योरिटी बेसिक्स (40–120 घंटे)
  • क्रेडिट और करियर लाभ: NCVET वेरिफाइड डिजिटल सर्टिफिकेट + NAPS पोर्टल पर आईटी कंपनियों में सीधी अप्रेंटिसशिप।
  • टिप: अपने स्कूल के आईटी प्रोजेक्ट के साथ SIDH का फ्री AI सर्टिफिकेट जोड़ने पर आपका QR Digital CV सबसे मजबूत बनता है।

2. ऑटोमोटिव ट्रेड (Automotive Skill Trade)

  • सेक्टर स्किल काउंसिल (SSC): ऑटोमोटिव स्किल्स डेवलपमेंट काउंसिल (ASDC)
  • स्कूली NSQF जॉब रोल: ऑटोमोटिव सर्विस टेक्नीशियन (Level 2 से Level 4)
  • SIDH पर बेस्ट फ्री सर्टिफिकेट कोर्स: इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) बैटरी व सर्विस टेक्नीशियन, ऑटो डायग्नोस्टिक्स सिम्युलेटर कोर्स
  • क्रेडिट और करियर लाभ: पारंपरिक इंजन के साथ नई EV टेक्नोलॉजी का सरकारी प्रमाणपत्र जो सीधे आपके APAAR / ABC खाते में दिखेगा।
  • टिप: 12वीं के बाद मारुति, टाटा या हीरो जैसी कंपनियों के सर्विस सेंटर में NAPS अप्रेंटिसशिप के लिए यह कोर्स तुरंत सिलेक्शन दिलाता है।

3. हेल्थकेयर और ब्यूटी एंड वेलनेस (Healthcare & Beauty Wellness)

  • सेक्टर स्किल काउंसिल (SSC): हेल्थकेयर सेक्टर स्किल काउंसिल (HSSC) एवं ब्यूटी एंड वेलनेस (B&WSSC)
  • स्कूली NSQF जॉब रोल: जनरल ड्यूटी असिस्टेंट (GDA) / असिस्टेंट ब्यूटी थेरेपिस्ट
  • SIDH पर बेस्ट फ्री सर्टिफिकेट कोर्स: प्राइमरी हेल्थकेयर व टेलीमेडिसिन, प्रोफेशनल मेकअप व स्किन केयर माइक्रो-क्रेडेंशियल
  • क्रेडिट और करियर लाभ: अस्पतालों, वेलनेस सेंटर्स और स्वरोजगार (मुद्रा लोन) के लिए मान्य सरकारी प्रमाणपत्र।
  • टिप: अपनी 80 घंटे की सीएचसी/पीएचसी (CHC/PHC) या सैलून OJT लॉगबुक के साथ SIDH प्रोफाइल नंबर ज़रूर दर्ज करें।

4. रिटेल, टूरिज्म और एग्रीकल्चर (Retail, Tourism & Agriculture)

  • सेक्टर स्किल काउंसिल (SSC): RASCI (रिटेल), THSC (टूरिज्म व हॉस्पिटैलिटी), ASCI (एग्रीकल्चर)
  • स्कूली NSQF जॉब रोल: रिटेल स्टोर ऑपरेशंस असिस्टेंट, टूर गाइड, सोलर पंप व माइक्रो-इरिगेशन टेक्नीशियन
  • SIDH पर बेस्ट फ्री सर्टिफिकेट कोर्स: डिजिटल मार्केटिंग व ई-कॉमर्स, ड्रोन किसान ऑपरेटर बेसिक्स, हॉस्पिटैलिटी इंग्लिश व सॉफ्ट स्किल्स
  • क्रेडिट और करियर लाभ: स्थानीय पर्यटन, ई-कॉमर्स कंपनियों और आधुनिक कृषि प्रोजेक्ट्स में प्राथमिकता।
  • टिप: ग्रामीण और पहाड़ी राज्यों के छात्र SIDH से ‘डिजिटल मार्केटिंग’ और ‘हॉस्पिटैलिटी’ का मुफ्त कोर्स करके घर बैठे भी रोजगार पा सकते हैं।

छात्र और व्यावसायिक शिक्षक (VTs) APAAR ID, Skill India पोर्टल और डिजीलॉकर से NSQF सर्टिफिकेट कैसे डाउनलोड करें?

छात्र सबसे पहले स्कूल के UDISE+ पोर्टल से जनरेट हुई अपनी 12-अंकों की APAAR ID को DigiLocker के ‘Issued Documents’ से डाउनलोड करें। इसके बाद skillindiadigital.gov.in पर ‘Learner’ के रूप में आधार e-KYC से रजिस्टर करें और डिजीलॉकर में अपने बोर्ड या NSDC टैब से NSQF Skill Certificate प्राप्त करें।

पूरी प्रक्रिया को बिना किसी गलती के पूरा करने के लिए नीचे दिए गए 3 चरणों (Step-by-Step Guide) का क्रमानुसार पालन करें:

चरण 1: स्कूल UDISE+ और DigiLocker से अपना 12-अंकों का APAAR Card डाउनलोड करना

  1. माता-पिता का सहमति पत्र (Parental Consent Form) जमा करें: सबसे पहले अपने स्कूल के क्लास टीचर या UDISE+ प्रभारी से आधिकारिक सहमति पत्र प्राप्त करें, उसमें छात्र का 11-अंकों का PEN (परमानेंट एजुकेशन नंबर) व जन्मतिथि का मिलान करके माता-पिता के हस्ताक्षर के साथ स्कूल में जमा करें।
  2. स्कूल UDISE+ पोर्टल से वेरिफिकेशन: स्कूल के नोडल शिक्षक udiseplus.gov.in के APAAR Module में जाकर आपके PEN नंबर के सामने ‘Generate APAAR’ पर क्लिक करेंगे।
  3. DigiLocker ऐप या पोर्टल पर लॉगिन करें: जैसे ही स्कूल से आईडी जनरेट हो जाए, अपने मोबाइल में digilocker.gov.in या डिजीलॉकर ऐप खोलें और अपने मोबाइल नंबर व ओटीपी से लॉगिन करें।
  4. Issued Documents से कार्ड निकालें: ऐप के अंदर ‘Issued Documents’ सेक्शन में जाएं। यहाँ आपको ‘Academic Bank of Credits / APAAR ID Card’ दिखाई देगा, जिस पर क्लिक करके अपना 12-अंकों का कार्ड पीडीएफ में डाउनलोड कर लें।

चरण 2: Skill India Digital Hub (skillindiadigital.gov.in) पर प्रोफाइल बनाना और फ्री कोर्स करना

  1. आधिकारिक पोर्टल खोलें: अपने मोबाइल ब्राउज़र में सरकार की आधिकारिक वेबसाइट skillindiadigital.gov.in खोलें या प्ले स्टोर से ‘Skill India Digital Hub (SIDH)’ ऐप डाउनलोड करें।
  2. Learner (छात्र) के रूप में पंजीकरण करें: होमपेज पर ऊपर दाईं ओर ‘Register’ बटन पर क्लिक करें और दो विकल्पों में से ‘Learner / Participant’ चुनें।
  3. मोबाइल OTP और पासवर्ड सेट करें: अपना सक्रिय मोबाइल नंबर डालें (कोशिश करें कि वही नंबर दें जो डिजीलॉकर से जुड़ा है), ओटीपी डालें और अपना 4-अंकों का अकाउंट पासवर्ड (पिन) बनाएं।
  4. e-KYC और DigiLocker/ABC सिंकिंग पूरा करें: लॉगिन करने के बाद प्रोफाइल सेक्शन में जाकर अपनी e-KYC पूरी करें। जैसे ही आपकी केवाईसी पूरी होगी, आपका Skill India खाता स्वचालित रूप से आपके DigiLocker और APAAR / ABC ID से लिंक हो जाएगा।
  5. फ्री कोर्स चुनें और QR Digital CV डाउनलोड करें: अब ‘Skill Courses’ टैब में जाकर ‘Free’ फिल्टर लगाएं, अपने ट्रेड (जैसे IT, Automotive, Retail, Coding) का कोई भी 40–120 घंटे का कोर्स पूरा करें और डैशबोर्ड से अपना QR-Verified Digital Skill Card व Digital CV डाउनलोड कर लें।

चरण 3: 10वीं और 12वीं पास छात्रों के लिए DigiLocker से अपना छिपा हुआ NSQF Skill Certificate निकालने की गुप्त विधि

90% वोकेशनल छात्र कभी डाउनलोड ही नहीं करते अपना असली ‘NSQF स्किल सर्टिफिकेट’!

एक व्यावसायिक शिक्षक के तौर पर मैंने धरातल पर देखा है कि 10वीं या 12वीं पास करने के बाद छात्र स्कूल से सिर्फ अपनी सामान्य बोर्ड मार्कशीट लेकर चले जाते हैं। उन्हें कोई यह नहीं बताता कि व्यावसायिक विषय पास करने वाले छात्रों के लिए बोर्ड और सेक्टर स्किल काउंसिल (SSC) की ओर से डिजीलॉकर में एक अलग ‘Skill Certificate’ जारी किया जाता है, जो किसी भी प्राइवेट कंपनी या सरकारी स्किल जॉब में डिप्लोमा/सर्टिफिकेट के रूप में सीधा काम आता है!

डिजीलॉकर से अपना NSQF Level 2 / Level 4 स्किल सर्टिफिकेट ऐसे निकालें:

  1. DigiLocker में ‘Search Documents’ पर जाएं: अपने डिजीलॉकर अकाउंट में लॉगिन करने के बाद नीचे दिए गए ‘Search’ आइकन पर टैप करें।
  2. अपना बोर्ड या NSDC चुनें:
    • यदि आप CBSE बोर्ड के छात्र हैं, तो ‘Education & Learning’ कैटेगरी में ‘Central Board of Secondary Education (CBSE)’ चुनें और वहां सामान्य मार्कशीट के नीचे दिए गए ‘Class X / XII Skill Certificate’ (डॉक्यूमेंट कोड: SKHSC / NSESC) विकल्प पर क्लिक करें।
    • यदि आप राज्य बोर्ड (State Board – जैसे उत्तराखंड, यूपी, एमपी, हरियाणा आदि) के छात्र हैं और आपका असेसमेंट सेक्टर स्किल काउंसिल से हुआ है, तो सर्च बार में ‘National Skill Development Corporation (NSDC)’ या ‘Skill India’ सर्च करें।
  3. रोल नंबर और वर्ष दर्ज करें: अपना बोर्ड रोल नंबर और पास करने का वर्ष (Passing Year) डालकर ‘Get Document’ पर क्लिक करें।
  4. वेरिफाइड पीडीएफ डाउनलोड करें: कुछ ही सेकंड में आपका आधिकारिक NSQF Level 2 (10वीं) या NSQF Level 4 (12वीं) स्किल सर्टिफिकेट ‘Issued Documents’ में आ जाएगा। सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 (IT Act 2000) के तहत यह डिजिटल हस्ताक्षर वाला सर्टिफिकेट 100% मूल प्रमाणपत्र के बराबर वैध है।

UDISE+ और आधार कार्ड में नाम या जन्मतिथि अलग (Mismatch) होने पर APAAR Error कैसे ठीक करें?

यदि स्कूल के UDISE+ पोर्टल और छात्र के पहचान रिकॉर्ड में नाम की स्पेलिंग, स्पेस या जन्मतिथि में थोड़ा भी अंतर है, तो APAAR ID जनरेट नहीं होगी। इसे ठीक करने के लिए पहले सही दस्तावेज के अनुसार रिकॉर्ड अपडेट कराएं, फिर डिजीलॉकर में दोबारा e-KYC करके अपना अपार कार्ड रिफ्रेश करें।

स्कूलों में जब हम छात्रों की अपार आईडी मैप करते हैं, तो सबसे ज्यादा एरर नाम के आगे लगे उपसर्गों (जैसे स्कूल रजिस्टर में ‘Km. Pooja’ या ‘Mohd. Kaif’ लिखा होना जबकि पहचान पत्र में केवल ‘Pooja’ या ‘Mohammad Kaif’ होना) के कारण आता है।

नाम या जन्मतिथि सुधारने का 3-स्टेप फॉर्मूला

यदि आपके डिजीलॉकर के ‘Issued Documents’ में अपार कार्ड नहीं दिख रहा है या उसमें नाम गलत छप गया है, तो घबराएं नहीं। digilocker.gov.in और udiseplus.gov.in के आधिकारिक नियमों के अनुसार इसे सुधारने का केवल एक ही सही क्रम है:

  • केस 1 (यदि स्कूल के UDISE+ में स्पेलिंग गलत है): अपने स्कूल के UDISE+ प्रभारी शिक्षक से संपर्क करें और स्कूल एडमिशन रजिस्टर के आधार पर UDISE+ Student Profile में नाम/जन्मतिथि सही करवाकर दोबारा PEN के ज़रिए अपार आईडी जनरेट करवाएं।
  • केस 2 (यदि पहचान पत्र में नाम/जन्मतिथि गलत है): पहले नज़दीकी केंद्र पर जाकर अपना पहचान डेटा (नाम या जन्मतिथि) अपनी स्कूल मार्कशीट के अनुसार अपडेट करवाएं -> अपडेट होने के बाद DigiLocker ऐप में लॉगआउट करके दोबारा लॉगिन व e-KYC रिफ्रेश करें -> आपका APAAR Card अपने आप नए सही नाम के साथ अपडेट हो जाएगा।

महत्वपूर्ण आधिकारिक पोर्टल लिंक्स और हेल्पलाइन तालिका (Official Links Table)

छात्रों, अभिभावकों और व्यावसायिक शिक्षकों की सुविधा के लिए सभी सरकारी पोर्टल्स के सीधे लिंक नीचे 3-कॉलम तालिका में दिए गए हैं:

पोर्टल / सेवा का नाममुख्य उपयोगआधिकारिक वेबसाइट / नंबर
Skill India Digital Hub (SIDH)फ्री स्किल कोर्स, QR डिजिटल सीवी व सर्टिफिकेटskillindiadigital.gov.in
APAAR एवं ABC पोर्टल12-अंकों की आईडी व 40 वार्षिक क्रेडिट्स चेक करनाapaar.education.gov.in / abc.gov.in
DigiLocker एवं NAD पोर्टलAPAAR कार्ड व NSQF स्किल सर्टिफिकेट डाउनलोडdigilocker.gov.in
UDISE+ स्कूल पोर्टलस्कूल द्वारा 11-अंकों के PEN से APAAR जनरेट करनाudiseplus.gov.in
NAPS 2.0 अप्रेंटिसशिप पोर्टल10वीं/12वीं के बाद अप्रेंटिसशिप व ₹1,500 DBT स्टाइपेंडapprenticeshipindia.gov.in
राष्ट्रीय APAAR हेल्पलाइनअपार आईडी व तकनीकी समस्या के लिए टोल-फ्री नंबर1800-889-3511

व्यावसायिक शिक्षकों (VTs) और छात्रों के लिए ज़मीनी एक्शन प्लान (What To Do Next)

एक व्यावसायिक शिक्षक (VT) और छात्र के रूप में इस नए नियम का पूरा लाभ उठाने के लिए आज ही अपने स्कूल में ये 3 व्यावहारिक कदम उठाएं:

  1. स्कूल के UDISE+ प्रभारी के साथ समन्वय (For VTs): सभी व्यावसायिक शिक्षक अपने स्कूल के कक्षा 9वीं से 12वीं के व्यावसायिक छात्रों की सूची लेकर UDISE+ इंचार्ज से मिलें और सुनिश्चित करें कि प्रत्येक वोकेशनल छात्र का PEN नंबर और APAAR Status पोर्टल पर ‘Generated’ हो चुका हो, ताकि किसी भी छात्र के बोर्ड LOC में NOGEN न लिखा जाए।
  2. प्रैक्टिकल लैब में SIDH रजिस्ट्रेशन कैंप चलाएं: अपने स्कूल की आईटी लैब या स्मार्ट क्लास में हफ्ते में एक पीरियड निकालकर कक्षा 9 से 12 के सभी छात्रों का skillindiadigital.gov.in पर निःशुल्क रजिस्ट्रेशन करवाएं और उन्हें उनके ट्रेड से जुड़ा कम से कम एक फ्री ऑनलाइन कोर्स करवाकर उसका सर्टिफिकेट उनके प्रोजेक्ट फाइल में लगवाएं।
  3. पुराने पास-आउट छात्रों (Alumni) को सर्टिफिकेट दिलवाएं: जिन छात्रों ने पिछले वर्षों में आपके स्कूल से 10वीं या 12वीं व्यावसायिक विषय के साथ पास की है, उनके व्हाट्सएप ग्रुप में इस गाइड को साझा करें ताकि वे डिजीलॉकर से अपना NSQF Level 2 / Level 4 Skill Certificate डाउनलोड करके NAPS अप्रेंटिसशिप या जॉब्स में लगा सकें।
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