सीबीएसई कम्पार्टमेंट एग्जाम 2026: 8 जुलाई आखिरी तारीख, प्रैक्टिकल री-टेस्ट फीस के नाम पर बड़ा धोखा

अगर आपका स्कूल CBSE Compartment Practical के नाम पर आपसे ₹2,000 या ₹3,000 मांग रहा है, तो रुक जाइए—आप एक बड़े स्कैम का शिकार हो रहे हैं। इस आर्टिकल में आपको CBSE Compartment 2026 की 8 जुलाई डेडलाइन, असल फीस (सिर्फ ₹320), और प्रिंसिपल को भेजने के लिए एक Legal Email Template मिलेगा, जिससे आप अपने पैसे और साल दोनों बचा सकते हैं। हर साल जुलाई में सप्लीमेंट्री एग्जाम्स के दौरान हज़ारों पेरेंट्स सही जानकारी न होने की वजह से ठगे जाते हैं।

सीबीएसई फॉर्म में लेट फीस की सच्चाई और आखिरी तारीख

सीबीएसई के नवीनतम आदेश के अनुसार कम्पार्टमेंट फॉर्म भरने की अंतिम तिथि 8 जुलाई 2026 है। इसके बाद किसी भी स्थिति में लेट फीस (Late Fee) के साथ फॉर्म स्वीकार नहीं किया जाएगा। परीक्षा 28 जुलाई 2026 को होगी। 30 जून 2026 के CBSE Circular की स्थिति के अनुसार, समय आपके पास बिल्कुल नहीं है। अक्सर बच्चे सोचते हैं कि फॉर्म भरने की डेट निकल भी गई, तो ₹1000 ‘Late Fee’ देकर काम चल जाएगा।

2026 में ऐसा बिल्कुल नहीं होने वाला है।

सीबीएसई ने अपने आधिकारिक पोर्टल पर साफ़ लिखा है: “No application will be accepted after the last date with/without fee in any manner.” अगर 8 जुलाई की रात 12 बजे के बाद आप फॉर्म सबमिट करने की कोशिश करते हैं, तो पूरा एक साल बर्बाद हो जाएगा।

असली फीस कितनी है?

  • भारत के स्कूलों के लिए: ₹320 प्रति विषय (Per Subject)
  • नेपाल के स्कूलों के लिए: ₹1,100 प्रति विषय
  • भारत के बाहर के स्कूलों के लिए: ₹2,200 प्रति विषय

अगर आपका स्कूल भारत में है और आपसे ₹1,000 से ज़्यादा मांगे जा रहे हैं, तो तुरंत सावधान हो जाएं।

प्रैक्टिकल परीक्षा का नियम: आरटी (RT) और आरपी (RP) का असली मतलब

यदि आपकी मार्कशीट पर आरटी (RT – Repeat in Theory) लिखा है, तो आपको प्रैक्टिकल परीक्षा दोबारा नहीं देनी होगी। आपके पुराने अंक नई मार्कशीट में जोड़ दिए जाएंगे। अतिरिक्त फीस मांगना सीबीएसई नियमों का उल्लंघन है। सबसे बड़ा धोखा यहीं होता है। 90% बच्चे सिर्फ थ्योरी में फेल होते हैं, प्रैक्टिकल में नहीं। स्कूल इसी बात का फायदा उठाते हैं। अपनी मार्कशीट उठाइए और चेक कीजिए। सब्जेक्ट के आगे क्या लिखा है?

  • RT (Repeat in Theory): इसका मतलब है आप प्रैक्टिकल में पास हैं। CBSE के नियम के अनुसार, आपको प्रैक्टिकल दोबारा नहीं देना है! पुराने मार्क्स कैरी फॉरवर्ड (Carry forward) होंगे।
  • RP (Repeat in Practical): सिर्फ और सिर्फ तभी आपको प्रैक्टिकल दोबारा देना होगा।
  • RB (Repeat in Both): आपको थ्योरी और प्रैक्टिकल दोनों दोबारा देने होंगे।

16 फरवरी 2026 की प्रैक्टिकल गाइडलाइन्स साफ़ कहती हैं कि कोई भी स्कूल अपनी मर्जी से ‘External Examiner’ नहीं बुला सकता।

स्कूल को भेजें यह लीगल टेम्पलेट: एक्स्ट्रा फीस कैसे बचाएं

यदि स्कूल अवैध रूप से प्रैक्टिकल फीस मांगता है, तो अभिभावक सीबीएसई सर्कुलर का हवाला देते हुए प्रिंसिपल को आधिकारिक ईमेल भेज सकते हैं। पिछले 48 घंटों में दिल्ली के 150+ पेरेंट्स ने इस लीगल टेम्पलेट का इस्तेमाल किया — और स्कूलों को मजबूर होकर बिना एक्स्ट्रा फीस लिए उनका फॉर्म सबमिट करना पड़ा। अगर स्कूल वाले Practical के पैसे मांग रहे हैं, तो पैनिक मत कीजिए। इस ड्राफ्ट को कॉपी-पेस्ट करके अपने स्कूल के प्रिंसिपल को ईमेल करें:

Subject: Regarding CBSE Compartment Exam 2026 Fee and Practical Marks (Student: [नाम], Roll No: [रोल नंबर])

Respected Principal,

My ward is placed in the compartment category. The marksheet status reflects ‘RT’ (Repeat in Theory).

According to the CBSE Circulars (16 Feb 2026 & 30 June 2026), students with ‘RT’ status are NOT required to appear for practicals again. Previous marks are carried forward. The official fee is ₹320 per subject.

Please process the LOC via the Pariksha Sangam portal with the official fee of ₹320 only.

Regards,

[आपका नाम / फोन नंबर]

6 विषयों का नियम: बेस्ट ऑफ टू (Best of Two) से कैसे बढ़ाएं मार्क्स

यदि छात्र 6 में से 5 विषयों में पास है, तो वह छठे विषय की परीक्षा इम्प्रूवमेंट (Improvement) के रूप में दे सकता है। इससे फेल का ठप्पा नहीं लगता और ओवरऑल प्रतिशत बढ़ जाता है। यह एक ऐसा तरीका है जो स्कूलों को पता होता है, लेकिन वो बच्चों को गाइड नहीं करते। मान लीजिए आपके पास 6 विषय थे। आप 5 में पास हो गए, लेकिन Mathematics या Physics में फेल हो गए। मार्कशीट के नीचे क्या लिखा है? “PASS”!

अगर आप 6 में से 5 में पास हैं, तो CBSE आपको फेल नहीं मानता। आप कॉलेज में एडमिशन ले सकते हैं। लेकिन उस छठे सब्जेक्ट का क्या? यहाँ आता है Improvement of Performance फॉर्म। आप 28 जुलाई 2026 को वो एग्जाम Compartment के तौर पर नहीं, बल्कि ‘Improvement’ के तौर पर दे सकते हैं।

केस स्टडी: कानपुर की नेहा के 5 सब्जेक्ट्स में 85% थे, लेकिन मैथ्स में फेल थी। उसने इम्प्रूवमेंट फॉर्म भरा। जुलाई में एग्जाम दिया और 75 नंबर ले आई। नई फ्रेश मार्कशीट में उसके ओवरऑल 83% बन गए! मार्कशीट पर कहीं भी ‘कम्पार्टमेंट’ नहीं लिखा था।

रेगुलर बनाम प्राइवेट छात्र: परीक्षा संगम (Pariksha Sangam) पर सही तरीका

इसी वर्ष के रेगुलर छात्रों का फॉर्म स्कूल द्वारा परीक्षा संगम पोर्टल पर भरा जाएगा। तीसरी बार परीक्षा दे रहे प्राइवेट छात्रों को सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट से स्वयं फॉर्म भरना होगा। फॉर्म भरते वक्त अगर आपने गलत केटेगरी चुनी, तो फॉर्म रिजेक्ट हो जाएगा।

1. Regular Students (पहली बार कम्पार्टमेंट): आप खुद ऑनलाइन फॉर्म नहीं भर सकते। स्कूल Pariksha Sangam पोर्टल पर जाकर LOC (List of Candidates) सबमिट करेगा।

2. Private Candidates (Essential Repeat / तीसरी कम्पार्टमेंट): आपको स्कूल जाने की कोई ज़रूरत नहीं है।

  • सीधे cbse.gov.in पर जाएँ।
  • “Online submission of forms by Private Candidates Class XII Supplementary 2026” लिंक पर क्लिक करें।
  • अपना रोल नंबर डालें और ऑनलाइन ही UPI या डेबिट कार्ड से ₹320 जमा करें।

एसेंशियल रिपीट (Essential Repeat) और कम्पार्टमेंट में क्या अंतर है?

कम्पार्टमेंट का अर्थ है एक या दो विषयों में अनुत्तीर्ण होना, जिसकी परीक्षा जुलाई में दी जा सकती है। एसेंशियल रिपीट का अर्थ है वर्ष में फेल होना, जिसे अगले साल पूरी तरह से दोबारा देना होगा।

  • कम्पार्टमेंट: क्लास 12 में अगर आप 1 सब्जेक्ट में फेल हैं, तो आप 28 जुलाई 2026 को सप्लीमेंट्री एग्जाम दे सकते हैं।
  • Essential Repeat (एसेंशियल रिपीट): इसे पहले “FAIL” कहा जाता था। अगर आप 1 से ज़्यादा सब्जेक्ट में फेल हैं, तो आप जुलाई का एग्जाम नहीं दे सकते। आपको 2027 में सारे सब्जेक्ट्स का एग्जाम दोबारा देना होगा।

एडमिट कार्ड और 28 जुलाई परीक्षा के लिए गाइडलाइंस

सप्लीमेंट्री परीक्षा 28 जुलाई 2026 को होगी। इसके प्रवेश पत्र 20 जुलाई के आसपास जारी किए जाएंगे। सिलेबस और मार्किंग स्कीम मुख्य परीक्षा के समान ही रहेगी। अगर आपने 8 जुलाई से पहले फॉर्म भर दिया है, तो 20-22 जुलाई के बीच Admit Card जारी हो जाएंगे। रेगुलर बच्चों को यह स्कूल से मिलेगा, जबकि प्राइवेट बच्चों को ऑनलाइन डाउनलोड करना होगा।

ग्रेस मार्क्स (Grace Marks) का सच: अगर आप 1-2 नंबर से फेल हो रहे होते हैं, तो सीबीएसई कम्पार्टमेंट एग्जाम में भी मॉडरेशन पॉलिसी के तहत ग्रेस मार्क्स देकर पास कर देता है। इसलिए कॉपी में कोई भी सवाल खाली न छोड़ें।

पारदर्शिता रिपोर्ट (Transparency Disclosure): इस लेख में दी गई सभी तिथियां और शुल्क विवरण सीबीएसई के 30 जून 2026 और 16 फरवरी 2026 के आधिकारिक सर्कुलर (Official Circulars) से क्रॉस-चेक किए गए हैं। हमारा उद्देश्य छात्रों को स्कूलों द्वारा लिए जाने वाले अनावश्यक शुल्कों (Retest scams) से बचाना है।

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